मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन

छिंदवाडा जगत। जुन्नारदेव- मध्यप्रदेश के मुखिया मा. कमलनाथ जी के जन्मदिवस पर एन एस यू आई जरूरतमंद लोगो के लिए शासकीय महाविद्यालय प्रांगण में रक्त दान शिविर लगा कर मनाया जा रहा है . इस रक्तदान शिविर के विषय मे विधानसभा अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय ने बताया कि रक्तदान के लिए सभी को जागरूक होना चाहिए और ख़ास कर सक्षम लोगो को बढ़-चढ़ कर रक्तदान और वृक्षारोपण जैसे अनेको काम अपने व् अपने परिवार के जन्मदिन जैसे अवसर पर जरूर करना चाहिए. रक्तदान स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है. रक्तदान से नए ब्लड सेल्स तेजी से बनते हैं. दरअसल रेड सेल्स की लाइफ 90 दिन ही होती है. रेड सेल बनने की प्रक्रिया सतत चलती रहती है. अत: रक्तदान करने से शरीर में रेड सेल की कोई कमी नहीं होती. साल में तीन से चार बार ब्लड डोनेट करने से रक्त में गाढ़ापन नहीं आता है

इससे हार्टअटैक और कोलेस्ट्रॉल जैसी कई समस्याओं में फायदा होता है. हमारे इस छोटे से प्रयास से किसी जरूरतमंद का जीवन बच सकता है. हमारे द्वारा डोनेट ब्लड दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिला, थैलेसीमिया और गंभीर रूप से बीमार लोगों का जीवन बचाने में मददगार होगा।

सुनील उइके के खिलाफ हो रही साजिश

जुन्नारदेव /   छिन्दवाड़ा  जिले की जुन्नारदेव विधानसभा से पूर्व में कांग्रेस के विधायक प्रत्याशी रहे सुनील उइके के खिलाफ जो गुटबाजी निकल कर सामने आ रही है , उसमे कही न कही राजनीतिक साजिश की बू आ रही है ।

बताया जाता है की कल तक जो लोग सुनील उइके को सर्वमान्य नेता मानते थे आज वही नेता सुनील के विरोध में सीना तान कर खड़े दिखाई दे रहे है ,जुन्नारदेव जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र उइके जो कल तक सुनील के चेला हुआ करते थे आज बताया जाता है की यही राजेंद्र आज सुनील उइके के खिलाफ चिल्लर लोगों को एक करने में सबसे आगे बताये जाते है , बहर हाल राजेंद्र उइके जब जनपद अध्यक्ष थे तब इनका कार्यकाल भी कोई संतोषजनक नहीं रहा है यह कार्यकाल विवादों से भरा रहा है जानकार बताते है की राजेंद्र उइके जब जनपद अध्यक्ष थे तब इनका घर का झगड़ा कई बार जनपद की सामान्य सभा की बैठकों में इनकी पत्नी इनकी झकर उतार दिया करती थी ,इस प्रकरण ने राजेंद्र की राजनीती को विराम सा लगा दिया, परिणाम स्वरुप वे आज अध्यक्ष से सदस्य तक ही सीमित रह गए है

बताया जाता है की आज यही लोग सुनील की दावेदारी का विरोध करते हुए कहीं बैठकें तो कभी मंदिरों के दर्शन करते हुए कांग्रेस को जितने की पोस्ट शोसल मीडिया में पोस्ट कर रहे है ,ताकि इस बार ऐन केन प्रकारेण सुनील उइके का पत्ता साफ़ हो जाये अब देखना यह होगा की राजनीती में कभी जिले की युवा वर्ग एवं आदिवासी समुदाय का सिरमौर रहे सुनील जो सबको साधने में भी माहिर है,अब देखना होगा कि वो अपना समीकरण इस बार फिर से कैसे साधने में सफल हो पाते है, दिल्ली दरबार से जुड़े हुए सूत्र तो यही बताते है की सुनील को कमलनाथ ने तैयारी करने को कहा है ।

इसी क्रम में सुनील तेजी से और तेजिलाल से ज्यादा तैयारी कर रहे हैं भले ही कोई कुछ कहे मगर सुनील कम समय में ज्यादा उन्नति करने वालों में से एक हैं ।