गोंगपा पदाधिकारीयों ने कलेक्टर एस पी से की मुलाकात

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की
छिंदवाड़ा ।गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश महासचिव सतीश नागवंशी के नेतृत्व में जनहित के मुद्दों को लेकर जिला कलेक्टर श्री सौरव कुमार सुमन एवं जिला पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल से मुलाकात किया ,पांच सदस्यीय टीम में जिला अध्यक्ष प्रकाश कुमरे ,जिला अध्यक्ष का.कपिल सोनी एवं आईटी सेल जिला अध्यक्ष सुभाष बेलवंशी उपस्थित थे ।

अ.भा.गो.पा. हुई दिशाहीन ड्राइवर और गनमैन चला रहे पार्टी

छिंदवाड़ा। अमरवाड़ा विधानसभा से विधायक रहे मनमोहन शाह बट्टी जो सन 2003 में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के टिकट पर पहली दफा चुनाव जीते थे, बताया जाता है कि बट्टी को चुनाव जिताने में दादा हीरा सिंह मरकाम की विशेष भूमिका रही थी । उस दरमियान मध्यप्रदेश के गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अध्यक्ष गुलजार सिंह मरकाम हुआ करते थे, गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन से जुड़े हुए सूत्र बताते हैं कि मनमोहन शाह बट्टी को चुनाव जिताने के लिए आदिवासी समाज ने अनाज और पैसा इकट्ठा किया था ।

और मनमोहन शाह बट्टी को चुनाव लड़ाया और जितवाया भी था बताया जाता है कि उसके बाद मनमोहन शाह बट्टी जो उस समय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के विधायक दल के नेता हुआ करते थे और इनके साथ 2 और भी विधायक सिवनी जिला की घंसौर आदिवासी सीट से रामगुलाम  उईके और बालाघाट की परसवाड़ा सामान्य सीट से दरबूसिंह उईके गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के विधायक हुआ करते थे ।

बताया जाता है कि मनमोहन शाह बट्टी ने दादा हीरा सिंह मरकाम जो राष्ट्रीय अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी थे उनको बगैर सूचना दिए राज्यसभा चुनाव में अपना और अपने साथियों का वोट देने की सौदेबाजी कर लिया था ,उसी के बाद मनमोहन शाह बट्टी और दादा हीरा सिंह मरकाम में दरार आ गई और मनमोहन शाह बट्टी अपने आप को सुपर पावर समझने लगे और आए दिन दादा मरकाम को नीचा दिखाने की कोशिश करने लगे, इससे आहत होकर दादा मरकाम ने 2008 के चुनाव में मनमोहन शाह बट्टी का टिकट काटकर सिंगोड़ी से शिक्षक रहे सी एल ठाकुर को टिकट दे दिया इसके बाद मनमोहन शाह बट्टी जीवन में कोई चुनाव नहीं जीत पाए ।

बताया जाता है कि उसके बाद उनके वकील मित्र के साथ मनमोहन शाह बट्टी ने राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और इसके बाद उनको  हार का सामना करना पड़ा ,इसके बाद उन्होंने अपनी अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी का निर्माण किया और उससे भी चुनाव उन्होंने लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली इसके बाद कोरोना महामारी की चपेट में आकर मनमोहन शाह बट्टी का दुखद निधन भोपाल में हो गया ।

इसके बाद उनकी बेटी मनमोहन शाह बट्टी की बेटी मोनिका भट्टी इस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी मगर समाज ने उनको अध्यक्ष स्वीकार नहीं कर पाया और उनका विरोध होने लगा सीनियर नेता पूरे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में चले गए और उनकी ऐसी हालत हो गई कि मनमोहन शाह बट्टी के गनमैन एसआर बौद्ध राष्ट्रीय महासचिव हो गए और उनके ड्राइवर और उनका स्टाफ पार्टी चलाने की सोचने लगा इसलिए अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी का नामोनिशान मिट सा गया है ।

कृषि कानून वापस ले सरकार :गोंगपा

कृषि कानून वापस ले मोदी सरकार ,न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो :गोंगपा*
छिंदवाड़ा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष कपिल सोनी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ पारित किए गए तीन कृषि बिल वापस लेने के संबंध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश महासचिव सतीश नागवंशी के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारियों की उपस्थिति में राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर छिंदवाड़ा को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें मुख्य मांग किसान कानून वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य एम. एस. पी. लागू की जाए ,बिजली बिल संशोधन विधेयक वापस लिया जाए ,पराली जलाने वाले कानून को वापस लिया जाए ,सहित अन्य किसान हित के मुद्दों को लेकर आज किसानों के सम्मान में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने ज्ञापन दिया जिसमें मुख्य रुप से जिला कार्यवाहक अध्यक्ष कपिल सोनी, जिला सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष सुभाष बेलवंशी ,अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डेनी गोहीआ ,परासिया विधानसभा अध्यक्ष रंजीत मर्सकोले ,छिंदवाड़ा विधानसभा अध्यक्ष आकाश उईके, अरुण उईके, चाँद ब्लॉक अध्यक्ष बाराती लाल उईके, सूरज भलावी,रूपेश डेहरिया, सचिन राजपूत, राजा भलावी, जितेंद्र उईके, छोटेलाल इवनाती, वीरेंद्र उईके, अशेन्द्र उईके, अजय विश्वकर्मा, दिनेश गिरी, एवं शिवकुमार वाड़ीवा सहित जिले के तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे

चांद थाने का मोह नहीं छूट रहा ,पुलिस कर्मियों को

हो गया ट्रांसफर मगर जॉइनिंग नहीं ले रहे पुलिस कर्मी, बताया जाता है रेत तस्करों के साथ हैं मधुर संबंध
जी हां जिले के थाना चांद के अंतर्गत 3 पुलिस आरक्षक राजकुमार सनोडिया आरक्षक का स्थानांतरण पुलिस थाना चाँद से पुलिस थाना अमरवाड़ा और जितेंद्र बघेल आरक्षक का पुलिस थाना चाँद से पुलिस थाना हर्रई सूर्योदय बघेल आरक्षक पुलिस थाना चाँद से पुलिस चौकी पिप्लानारायनवार इस प्रकार इनका स्थानांतरण लगभग तीन माह पूर्व हो चुका है लेकिन राजनेतिक दबाव के कारण यह आदेश को दरकिनार करते हुए यहीं पर जमे हुए हैं ओर बताया जाता है कि , उनका स्थानांतरण लगातार मिल रही शिकायतों के कारण जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया था सूत्र यह भी बताते हैं कि इनके रेत तस्करों के साथ मधुर संबंध भी चर्चा का विषय है मोटी रकम की आमदनी रेत तस्करों के साथ होने को लेकर भी है यह चांद थाने का मोह छोड़ने को राजी नहीं है ।

कमलनाथ के प्रति ऐसा लगाव कि ,त्याग दिया प्राण

छिंदवाड़ा / आखिर मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार गिरने का इतना भी सदमा हो सकता है ??? ? यह बात किसी ने नहीं जाना था इसी बात को बयां करती हुई यह खास रपट है ।………
श्री प्रभाकर रामाजी खड़क्कार
का निधन 5 अप्रैल 2020 उनके निवास स्थान चन्दनगांव जिला छिंदवाड़ा में हुआ…..

श्री खड़क्कार जी पोस्ट ऑफिस में पोस्ट मास्टर के पद पर ग्राम पंचायत सावरी में कार्यरत और रिटायर भी वहीं से हुए रिटायर होने के बाद उन्होंने माननीय कमलनाथ जी की कार्यशैली से प्रभावित होकर कांग्रेस पार्टी से जुड़े और कमलनाथ जी के साथ मिलकर क्षेत्र की समस्याओं का निवारण भी किया है माननीय कमलनाथ जी के प्रति उनकी एक अलग ही प्रकार की दीवानगी थी कमलनाथ जी से उनका काफी लगाव था वह अक्सर न्यूज़ चैनल देखा करते थे उसमें देश दुनिया की जानकारी उन्हें मिलती थी 14-15 मार्च को भी उन्होंने न्यूज़ चैनल पर कमलनाथ जी की सरकार के बारे में जो जानकारी मिली उससे उनका ब्लड प्रेशर बढ़ने पर और लगातार घटनाक्रम के कारण 18 तारीख की रात को ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ चुका था जिसके कारण उन्हें छिंदवाड़ा जिला हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया फिर उन्हें नागपुर हॉस्पिटल ले जाया गया 19 तारीख से 26 तारीख तक वहां नागपुर में ही भर्ती रहे 26 तारीख को जब हॉस्पिटल से घर पहुंचे और उन्हें जानकारी मिली कि कमलनाथ मुख्यमंत्री पद पर नहीं है तो वह अचंभित रह गए और अंतिम समय में भी वह माननीय कमलनाथ जी के मुख्यमंत्री पद से हटने के सदमे में अपने प्राण त्याग दिए…..।

उन्होंने अपने अंतिम समय पर अपने अंतिम शब्दों में सिर्फ इतना ही कहा कि छिंदवाड़ा जिले को ऐसा नेता फिर कभी दोबारा नहीं मिलेगा…..।

मृतक के पुत्र संजय खड़क्कार उर्फ संजू भाऊ भी सेवादल के बहुत ही सक्रिय कार्यकर्ता हैं ,उन्होंने बताया कि जितनी पूंजी थी लगभग 3 से 4 लाख रुपए उन्होंने पिता जी के इलाज में लगा दिया, उन्हें कमलनाथ या नकुलनाथ की तरफ़ से किसी तरह का सहयोग नहीं मिल सका ,यहां तक कि उनके द्वारा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री से कई बार सम्पर्क करने की कोशिश की गई मगर लाकडाउन की वजह से या जो भी वजह थी सम्पर्क नहीं हो पाया न ही उनके पी .ए .ने फोन नहीं उठाए ,पिता की मृत्यु के बाद में सांसद या विधायक कार्यलय से कोई कॉल तक नहीं आया ,जो दुःखद है ।

कमलनाथ के चक्कर में सुभाष का बीपी लो हुआ तो पंकज का बीपी हाई ।…… 
जी हां यही कारण था कि सांवरी से ही कांग्रेस के कद्दावर नेता और वर्तमान जनपद सदस्य पंकज पाठक भी कमलनाथ के मुख्यमंत्री पद से हटने की बात को लेकर इतना सदमें मैं आ गए कि उनका 20 मार्च को अचानक से हाई ब्लड प्रेशर हो गया ,वह उस समय उनके ससुराल अंबाडा मैं थे उन्हें भी तत्काल भर्ती कराया गया वह भी लगभग सप्ताह भर के बाद में उनके स्वास्थ्य के में सुधार हुआ ,और पंकज इस लॉक डाउन की वजह से अभी भी वहीं अम्बड़ मैं ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं ।
यही हाल परासिया ब्लॉक के कुंडाली कला निवासी सुभाष बेलवंशी का भी हो गया है ,दरअसल सुभाष सोसल मीडिया में लगातार सक्रिय रहते हैं और वह कांग्रेस की विचारधारा से इतने ज्यादा प्रभावित है कि वह कई बार लोगों से तर्क के आधार पर उलझ भी जाते हैं इनका संगठन में पद भी है यह उमरेठ ब्लॉक कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग में अध्यक्ष के साथ ही आई टी सेल के जिला महासचिव भी हैं ,यह अपने साथी नेताओं क्रमशः सतीश नागवंशी, प्रदीप राय, आतिश ठाकरे के साथ 18 मार्च को भोपाल गए हुए थे इन्होंने समूचे घटनाक्रम को करीब से देखा ,20 मार्च को जैसे ही कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया सुभाष का ब्लड प्रेशर अचानक से कम हो गया वह जैसे तैसे छिंदवाड़ा आये 2 दिन बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई उनके ही रिश्तेदार सतीश नागवंशी ने तुरंत 108 मैं कॉल कर एम्बुलेंस भिजवाया और उनका छिंदवाड़ा मैं समुचित इलाज करवाने के बाद में उनकी दवा खरीदने के बाद उन्हें उनके गांव स्वयं के वाहन से छोड़कर आये ।
अभी भी उनकी तबीयत नासाज बनी रहती है ।

अब तक 13755 विद्यार्थियों ने माननीय सांसद नकुल नाथ जी को यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज के लिए लिखा – धन्यवाद नकुल नाथ जी

 

छिंदवाडा जगत।   एनएसयूआई जिला अध्यक्ष  अजय सिंह ठाकुर ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले में यूनिवर्सिटी उद्यानिकी महाविद्यालय कृषि महाविद्यालय एवं मेडिकल कॉलेज के बनने से छिंदवाड़ा में जो शिक्षा क्रांति आई है निश्चित ही नकुल नाथ जी की कार्यशैली से जिले का छात्र और युवा वर्ग अति उत्साहित है और सांसद बनते ही नकुल नाथ जी ने लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मांग को चंद महीने पर पूर्ण कर दिया जिसको लेकर पूरे जिले से विद्यार्थी स्वेच्छा से हजारों पोस्टकार्ड भेज कर नकुल नाथ जी को धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं अजय ठाकुर ने आगे बताया कि अब तक पोस्टकार्ड भेजने वालों की संख्या लगभग 14000 के आसपास पहुंच चुकी है और प्रतिदिन और पोस्टकार्ड सांसद जी के कार्यालय पर भेजा जा रहा है आज पोस्टकार्ड भेजते समय जनजाति कार्य विभाग के सांसद प्रतिनिधि विक्रम अहाके , सुजीत सूर्यवंशी , शाहरुख हुसैन , श्याम इवनाती, रमेश अग्रवाल , मोनू कुडोपा एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

Nadine Gordimer: Smart Text About Bettering A Troubled World

Enlarge this imageNadine Gordimer frequented Alexandra, the black township around Johannesburg, in 1986 to pay homage to victims of political unrest.Reuters /Landovhide captiontoggle captionReuters /LandovNadine Gordimer frequented Alexandra, the Reggie White Jersey black township in close proximity to Johannesburg, in 1986 to pay homage to victims of political unrest.Reuters /LandovThe terrific novelist Nadine Gordimer, whose stories advised in the immorality of apartheid in her beloved South Africa, has died at age 90.The Two-WayNadine Gordimer, Nobel-Winning Chronicler Of Apartheid, Dies Gordimer was not merely a writer. She was an activist while in the battle to end apartheid. In her writings and speeches, the Nobel Prize winner provided text of enlightenment for anyone sharing her determination to provide a much better everyday living to all those suffering from prejudice, bad health, poverty, and other ills. Right here is a sampling of her inspirational, unsentimental advice: “People give one https://www.packersglintshop.com/Montravius-Adams-Jersey another things that cannot be gift wrapped.” “A little one understands worry, along with the hurt and dislike it provides.” “Perhaps the ideal definition of development could be the continuing endeavours of adult males and girls to slender the gap among the convenience with the powers that be plus the unwritten charter.” “The nation of the tourist pamphlet always is an additional country, an uncomfortable abstraction of the appealing that, thank God, doesn’t exist on this planet, exactly where you’ll find usually ants Adrian Amos Jersey and undesirable smells and vacant Coca-Cola bottles to maintain the grubby finger-print of fact on the attractive.” “There is not any ethical authority like that of sacrifice.” “Truth is not splendor, though the hunger for it’s.”

अतिशेष और रिक्त पदों की जनकारी नही जुटा पा रहे है अधिकारी

पिछले 6 महीनों में अपडेट नही हो पाया रिकार्ड

छिंदवाड़ा जगत। शिक्षा विभाग में ट्रांसफर की सूची जारी करने से पहले स्कूलों में रक्त और अतिशेष शिक्षकों की जानकारी जुटाना है पिछले दिनों में शिक्षा अधिकारी नेे बैठक भी ली थी लेकिन  इसके बावजूद अब तक इस रिकार्ड को अपडेट नहीं कर पाए हैं दरअसल शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चुनिंदा बाबू के भरोसे इस काम को अंजाम देने में लगे हैं जिसके कारण स्टाफ कि दूसरे कर्मचारियों ने किनारा कर लिया है नतीजा इतनी बड़ी संख्या में स्कूल और यहां पदस्थ कर्मचारी अधिकारियों की सूची अपडेट नहीं हो पा रही है और ना ही आंकड़े निकल पा रहे हैं लेकिन विभागीय  कुछ बाबू और अधिकारियों की वजह से पिछले 6 माह में शिक्षा विभाग अपना रिकॉर्ड अपडेट नहीं कर पाया है हालात यह है कि अभी जिले के बहुत से स्कूल ऐसे हैं जहां पर अतिशेष शिक्षक पदस्थ है तो कहीं शिक्षकों की कमी से स्कूल जूझ रहे हैं ।

टाइम लिमिट में करना है काम

पिछले दिनों आदेश जारी हुआ है कि पोर्टल पर दर्ज संख्या के आधार पर रिक्त स्थानों पर शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे शिक्षक संवर्ग के यहां तबादले 15 से 23 नवंबर तक प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के आधार पर होना है यानी सिर्फ एक ही दिन शेष रह गया है इसमें जिससे शिक्षकों की वापसी के साथ ऐसे शिक्षक जिनकी गंभीर शिकायतें हैं इनका तबादला किया जाएगा लेकिन विभाग इस टाइम लिमिट के बावजूद रिक्त और अतिशेष शिक्षकों की सूची नही बना पाया ।

दूसरे चरण में 12 लाख से अधिक किसानों का कर्ज होगा माफ

छिंदवाड़ा जगत। 

शिक्षित बेरोजगारों के लिये ”मुख्यमंत्री खाद्य प्र-संस्करण योजना” का क्रियान्वयन

केन्द्र ने अब तक नहीं दिए अति-वृष्टि और बाढ़ के
नुकसान की भरपाई के लिए 6621.28 करोड़

प्रदेश के किसान-कल्याण और कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव ने भोपाल में बताया कि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता अन्नदाता किसान की समृध्दि है। राज्य सरकार ने अपने वचन पत्र के अनुसार जय किसान फसल ऋण माफी योजना लागू कर किसानों को ऋणमुक्त करने का अभियान चलाया है। पहले चरण में 20 लाख 22 हजार 731 पात्र किसानों के 7154 करोड़ 36 लाख रूपये के ऋण माफ किये गये हैं। दूसरे चरण, जो शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है, में 12 लाख 2 हजार 78 ऋण खाताधारक किसानों के ऋण माफ किये जाएंगे।
जय किसान समृध्दि योजना- मंत्री श्री सचिन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को हर कदम पर सहयोग कर रही है। प्रदेश में 5 मार्च 2019 को ”जय किसान समृध्दि योजना” लागू कर रबी सीजन 2019-20 के लिए कृषि उपज मंडी एवं ई-उर्पाजन केंद्र के माध्यम से किसान द्वारा विक्रय किये गये गेहूँ पर 160 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। योजना में 92 लाख 67 हजार मीट्रिक टन गेहूँ विक्रय करने वाले 11 लाख 79 हजार किसानों को 1463 करोड़ 42 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
केन्द्र ने अब तक नहीं दी बाढ़ और अतिवृष्टि नुकसान पर राहत राशि- मंत्री श्री सचिन यादव ने बताया कि प्रदेश में अति-वृष्टि और बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। लगभग 55 लाख किसानों की 60 लाख हेक्टेयर की फसलें खराब हुईं। हमने किसानों की फसलों की क्षतिपूर्ति, जान-माल और अधोसंरचना के नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से 6621 करोड़ 28 लाख रूपये की सहायता देने का आग्रह किया है, किन्तु अब तक केन्द्र की ओर से कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि किसान की सबसे बड़ी ताकत फसल बीमा की राशि होती है। राज्य सरकार ने इस भीषण प्राकृतिक आपदा में खरीफ वर्ष 2019 में फसल बीमा के राज्यांश अग्रिम की राशि 509.60 करोड़ का भुगतान बीमा कंपनियों को कर दिया है, लेकिन केन्द्र सरकार ने इस मद में भी राज्यांश राशि 2301 करोड़ रूपये का भुगतान अभी तक नहीं किया है।
पूर्ववर्ती सरकार में कम हुआ खेती का रकबा- मंत्री श्री यादव ने बताया कि पिछले चार साल में प्रदेश में किसान आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हो गया था। राज्य सरकार ने इस स्थिति का पूरा ब्यौरा विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत किया था। केन्द्र सरकार द्वारा 28 सितम्बर 2018 को जारी एक रिपार्ट में भी कहा गया था कि मध्यप्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में एवरेज खेती का रकबा लगातार कम होता रहा है। सीमांत किसान की औसत जोत मात्र 0.49 हेक्टेयर रह गई थी और खेती का रकबा एक लाख 66 हजार हेक्टेयर कम हो गया था ।
भावांतर के 1017 करोड़ नहीं दिये केन्द्र ने- मंत्री श्री सचिन यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के समय का खरीफ 2018 के फ्लैट भावान्तर योजना में मक्का फसल के लिये 2 लाख 60 हजार किसानों को 514 करोड़ रूपये का भुगतान किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में भी केन्द्र, मध्यप्रदेश के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। खरीफ 2017 के भावांतर के 576 करोड़, खरीफ 2018 के 321 करोड़ और अतिरिक्त 6 लाख मी. टन के 120 करोड़ अर्थात कुल 1017 करोड़ रूपये केन्द्र द्वारा मघ्यप्रदेश को अब तक नहीं दिये गये है ।
मुख्यमंत्री खाद्य प्र-संस्करण योजना- मंत्री श्री सचिन यादव ने बताया है कि प्रदेश में इस वर्ष से मुख्यमंत्री खाद्य प्र-संस्करण योजना लागू की गई है। योजना में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को एक से ढाई एकड़ भूमि प्रति हितग्राही 30 साल के लिए लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में फूलों की खेती के लिए 100-100 एकड़ के क्लस्टर तैयार किये जा रहे हैं। दो नवीन उद्यानिकी महाविद्यालय रेहली एवं छिंदवाड़ा में प्रारंभ किए गए हैं। इंडो-इजराईल प्रोजेक्ट में उद्यानिकी के तीन सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किये जा रहे हैं। इनमें साईट्रस छिंदवाड़ा, वेजीटेबल मुरैना तथा फ्लोरीकल्चर का सेंटर भोपाल में स्थापित हो रहा है।
कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिये ”शुध्द के लिए युध्द”-मंत्री श्री सचिन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने कृषि के क्षेत्र में विरासत में मिली बदहाल स्थिति को समृध्दता की ओर ले जाने का निश्चय किया है। इसके लिए किसानों को हर कदम पर हर तरह की मदद मुहैया कराई जा रही है। गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में ”शुध्द के लिए युध्द” अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान न सिर्फ बीज, उर्वरक और कीटनाशक के मानक स्तर का परीक्षण किया जा रहा है बल्कि कम मात्रा में सामग्री विक्रय, अनाधिकृत विक्रय, कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर विक्रय आदि पर भी गंभीरता से कार्यवाही की जा रही है। अब तक 1313 उर्वरक विक्रेताओं/ गोदामों का निरीक्षण कर 1096 नमूने लिये गये हैं एवं 110 प्रकरणों में अनियमितता पर कार्यवाही की गई है। उर्वरक निर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। इसी प्रकार 1120 बीज विक्रेताओं/ गोदामों का निरीक्षण कर 1129 बीज नमूने संकलित किये गये और 51 प्रकरणों में कार्यवाही की गई। कुल 334 पौध संरक्षण दवा विक्रेताओं/ गोदामों का निरीक्षण किया गया और 66 प्रकरणों में कार्यवाही की गई है।
मंडियों में नगद भुगतान की व्यवस्था- मंत्री श्री सचिन यादव ने बताया कि कृषि उपज मंडी समितियों में कृषकों को उनकी कृषि उपज के विक्रय पर दो लाख रूपये तक के नगद भुगतान की व्यवस्था की गई है। बैंकों से एक करोड़ रूपये से अधिक नगद आहरण पर टीडीएस कटौती के आयकर अधिनियम के प्रावधानों से मंडियों में नगद भुगतान में आ रही कठिनाइयों की ओर भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए मंडी व्यापारियों को इस प्रावधान से मुक्त कराने की पहल की गई है।
ई-नाम योजना से जुड़ी कृषि उपज मंडियां- किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के व्दितीय चरण में राज्य सरकार द्वारा 25 कृषि उपज मंडियों को ई-नाम योजना से जोड़ा गया है। मंडी बोर्ड द्वारा 16 अगस्त, 2019 से प्रदेश की सभी मंडियों में एक साथ ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू कर 4 लाख 14 हजार से ज्यादा ई-अनुज्ञा जारी की गई हैं। इससे मण्डी व्यापारियों का समय बचा है। प्रदेश में 27 मण्डी प्रांगण में सोलर एनर्जी प्लांट भी स्थापित किये गये हैं। कृषकों को मण्डी प्रांगण में संतुष्टि अनुरूप मूल्य प्राप्त नहीं होने पर चार माह की निःशुल्क सुविधा और 80 प्रतिशत राशि तक कृषि उपज का भुगतान करने के लिये कोलेटेरल मैनेजमेंट एजेंसीस के चयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
सब्जी एवं मसाला क्षेत्र विस्तार योजना- मंत्री श्री यादव ने बताया कि प्रदेश में किसानों की विगत 15 वर्षों की मांग को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार ने सब्जी एवं मसाला क्षेत्र विस्तार योजना लागू की है। इसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए अनुदान का प्रतिशत 50 से बढ़ाकर 70 कर दिया गया है। योजना में अब किसानों को प्रति हेक्टर 70 हजार रूपये तक का अनुदान मिलेगा।
किसानों को सस्ती बिजली- वचन-पत्र के वचन के अनुसार दस हॉर्स पॉवर तक के कृषि पंप उपभोक्ताओं की विद्युत दरों को आधा कर दिया गया है। पूर्व मे निर्धारित 1400 रूपये प्रति हॉर्स पॉवर प्रतिवर्ष कृषि पंपों की विद्युत दर को अब 700 रूपये कर दिया गया है। इससे लगभग 20 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना में प्रति कृषि उपभोक्ता लगभग 47 हजार रूपये प्रति वर्ष सब्सिडी दी जा रही है। राज्य सरकार ने अब तक 2622 करोड़ 53 लाख रूपये की सब्सिडी प्रदान की है। अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक के लिए 20 लाख 10 हजार कृषि पंपों के लिए करीब 6138 करोड़ रूपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के अतिरिक्त अस्थायी कृषि पंप उपभोक्ताओं की विद्युत दरें भी कम की गई हैं।
छोटे अजजा/अजा किसानों को नि:शुल्क बिजली- मंत्री श्री सचिन यादव ने बताया है कि एक हेक्टेयर तक की भूमि वाले अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों को 5 हार्सपॉवर तक के कृषि पंप कनेक्शनों के लिये निःशुल्क बिजली दी जा रही है। इसके एवज में राज्य सरकार बिजली कंपनियों को 3800 करोड़ रूपये वार्षिक सब्सिडी देगी।
जैविक खेती- मंत्री श्री सचिन यादव ने बताया कि जैविक खेती के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में पहले नंबर का राज्य है। एपीडा के अनुसार प्रदेश में 2 लाख 13 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कपास, गेहूँ, धान, अरहर, चना, सोयाबीन इत्यादि फसलों की जैविक खेती की जा रही है। जैविक खेती के दृष्टिकोण से गौ-शालाएँ बेहद महत्वपूर्ण हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर गौ-शालाओं का निर्माण कराया जा रहा है।