अखिल भारतीय गोंडवाना में भगदड़ ,दूसरे दलों में शिफ्ट हो रहे कार्यकर्ता

छिंदवाड़ा जिले में अक्सर तीसरे मोर्चे के रूप में पहचान के लिए जाने जाने वाली गोंडवाना पार्टियों के आपसी बिखराव से यह तीसरे दल का तमगा भी खोती जा रही ,दरअसल 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से पूर्व विधायक बट्टीअलग हो गए थे ,लोकसभा चुनाव में बट्टी ने अपनी अलग पार्टी अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी नाम से अलग दल का गठन किया मगर वह कोई खास चमत्कार नहीं कर पाए उनकी अभागोपा का वर्चस्व और प्रभाव सिर्फ छिंदवाड़ा तक ही सिमित रहा ,

भाजपा की तरफ झुकाव ,साथी नेताओं से अनबन……
मनमोहन बट्टी का भाजपा में जाने की भी पूरी तैयारी हो चुकी थी मगर रामायण जलाने के आरोपों ने बट्टी के भाजपा में प्रवेश पर रोक लगा दिया था ,साथ ही उनके सहयोगी और जिले में उस समय दुसरी पंक्ति के नेता सतीश नागवंशी ने एन वक्त पर बट्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था उनपर समाज से चंदा लेने और समाज को ठगने सहित कई आरोप लगाकर तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ से हाथ मिला लिया था

कुल मिलाकर साथी नेताओं से भी बट्टी की जरा नहीं बनी…….
उनके कोरोना कल में देहांत होने के बाद से ही उनकी छोटी बेटी मोनिका बट्टी ने पार्टी की कमान अपने हाथ में लिया लेकिन अनुभव की कमी और गलत सलाहकारों की वजह से वह नेतृत्व पैदा नहीं हो पाया कुलमिलाकर आया राम गया राम के हाल में उनकी पार्टी का हाल रहा ,हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकायों के चुनाव में भी मोनिका एक भी प्रत्याशी नहीं उतार सकी ,वहीं पंचायत चुनावों में मोनिका बट्टी और उनके जिलाध्यक्ष झमकलाल पर भाजपा से सांठगांठ करने का आरोप उनकी पार्टी के नेताओं ने लगाया है साथ ही मोनिका पर मनमाने तरीके से

फैसला लेने की बात पर भी उनका जमकर विरोध हो रहा है …..

मोनिका की वजह से उपजे असंतोष के कारन उनकी पार्टी से नेताओं का पलायन जारी है ,पार्टी से जुड़े सूत्र बताते है की पछले पंचायत चुनाव के दिनों मोनिका बट्टी एवं गोगपा के प्रदेश महासचिव सतीश नागवंशी के बीच अपने अपने जनपद,जिला पंचायत के प्रत्याशियों को लेकर जमकर कहासुनी हुई थी ,इसके बाद नागवंशी ने अमरवाड़ा विधानसभा में अचानक से सक्रियता बढ़ा दी थी ,इससे कयास लगाए जाने लगे थे की मोनिका की पार्टी की फूट का फायदा गोगपा को मिलेगा उनके ही दो जनपद सदस्यों को और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को सतीश ने गोगपा की सदस्यता दिलाने जिलाध्यक्ष को भेजा था बहरहाल इस उठापटक से समझ आता है की गोगपा महसचिव सतीश नागवंशी अपनी पार्टी का वर्चस्व बनाते दिख रहे है वहीं मोनिका नाकाम की स्थिति में नजर आ रही है

Leave a Reply

Your email address will not be published.