स्थानीय छोटी बाज़ार में श्रीराम लीला का हुआ शुभारंभ, प्रभु के जन्म के साथ झूम उठी अयोध्या

रावण के अत्याचार से हलाकान हुई धरा, विश्व कल्याण के लिए अवतरित हुए श्रीराम

स्थानीय छोटी बाज़ार में श्रीराम लीला का हुआ शुभारंभ, प्रभु के जन्म के साथ झूम उठी अयोध्या

छिंदवाड़ा। शहर के हृदय स्थल छोटी बाजार में खेली जाने वाली 14 दिवसीय मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीला का मंचन प्रारम्भ हो गया है। रामलीला मण्डल के अध्यक्ष सतीश दुबे लाला ने बताया कि किरिट-मुकुट एवं मंच पूजन के साथ रामलीला की विधिवत शुरुआत हो चुकी है। पूजन एवं लीला में अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक बंटी साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्ते, नगर पालिक निगम के महापौर विक्रम अहाके, निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मागो,नगर पालिक निगम सभापति राहुल मालवी,दीपू मिगलानी, प्रतीक मक्कड़, पूनम चंद साहू, बाबू भाई मालवीय एवं श्री रामलीला मंडल के संरक्षक मार्गदर्शक कस्तूरचंद जैन, राजू चरणागर, अरविंद राजपूत, राजेंद्र आचार्य, अध्यक्ष सतीश दुबे लाला, सहित समस्त सहित वरिष्ठ संरक्षकगण उपस्थित रहे। सभी का स्वागत समिति द्वारा किया गया।
मंडल के मुख्य निर्देशक वीरेंद्र शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष जय एवं विजय जो की श्री हरी विष्णु के द्वारपाल है उनकी कथा का मंचन किया गया इसके बाद रावण, कुम्भकर्ण एवं विभीषण की घोर तपस्या का चित्रण किया गया। मनवांच्छित वरदान प्राप्त करके रावण ने अहम के वशीभूत होकर पृथ्वी में ऋषि मुनियों एवं देवताओं पर अत्याचार, यज्ञ विध्वंस एवं अनाचार करना प्रारम्भ किया। रावण के अत्याचार एवं विजय यात्रा का चित्रण विशेष लाइट, साउंड इफेक्ट एवं स्मोक इफेक्ट के सम्मिश्रण से प्रदर्शित किया गया। रावण के अत्याचारो से प्रताड़ित होकर सभी देवी एवं देवता श्री हरि विष्णु की शरण मे पहुँचते है। तब विष्णु जी बताते है कि वें अयोध्या के राजा दशरथ के घर राम के रूप अवतरित होंगे एवं पृथ्वी को असुरों के अत्याचारो से मुक्त करेंगे। यहाँ राजा दशरथ को पितृ ऋण से मुक्त करने हेतु श्रंगी मुनि पुत्रेष्टि यज्ञ करते है, जिसके प्रभाव से श्री राम, भरत, लक्ष्मण एवं शत्रुघ्न अवतरित होते है। इसके बाद राजा दशरथ की आज्ञानुसार श्री राम अपने भाइयों सहित गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा हेतु प्रस्थान करते है। गुरुकुल में गुरु वशिष्ठ द्वारा उन्हें विद्या दान देकर वापस राज महल भेजा जाता है।
निर्देशक नरेंद्र चंदेल ने बताया कि आज विश्वामित्र के अयोध्या आगमन, श्रीराम द्वारा ताड़का वध एवं अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन किया जावेगा। प्रथम दिवस के राम भोग की सेवा जगदीश सोनी, आशीष संभारे, संतोष डेहरिया द्वारा दी गई। मण्डल के उपाध्यक्ष विनेश जैन छोटू, मयंक चौरसिया, आशु चौरसिया।

आज के पात्रों के नाम

1 शंकर जी प्रियांशु राजपूत
2 पार्वती जी प्रज्ञयानश शुक्ल
3 सनत पार्थ द्विदेवी
4 सनंदन रुद्रांश विश्वकर्मा
5 सनक लक्ष्य पटेल
6 कुमार गोल्डी सोनी
7 विष्णु- जी रजत पांडेय
8 लक्ष्मी जी सार्थक राजपूत
8 जय- विनोद विश्वकर्मा
9 विजय-विजय आनंद दुबे
10 रावण विनोद विश्वकर्मा
10 कुम्भकर्ण विजय आनंद दुबे
11 विभीषण नीरज चौरसिया
12 रावण का मंत्री -राकेश सरेठ
13 सेनापति- प्रवीण कहार
14 माल्यवान- आशीष सोनी
15 बलि -अनुज विश्वकर्मा
16 बाली- सतीश दुबे
17 तारा- शिवम नामदेव
18 इंद्र देव- विपुल विश्वकर्मा
19 गुरु बृहस्पति- आदित्य साहू
20 सूर्य देव- वेदांत सोनी
21 अग्नि देव-प्रणव शुक्ल
22 चन्द्र देव अदम्य द्विवेदी
23 कुबेर देव सत्यम जैन
24 मंगल देव समक्ष द्विवेदी
25 वरुण देव स्वस्तिक शर्मा
26 शनि देव अगम जैन
27 काल देवेंद्र कुशवाहा
28 बुध देव अक्ष जैन
29 पृथ्वी अभय पटेल
30 मेघनाद- जितेंद्र सोनी
31 ब्रह्मा जी -संतोष नामदेव
32- दशरथ- श्रांत चन्देल
33-सुमंत – राजू माहोरे
34 कौशल्या-युवराज विश्वकर्मा
35 कैकई-शिवम नामदेव
36 सुमित्रा बाबुल सिंगारे
37 वशिष्ठ- श्रीकांत द्विवेदी
38 श्रृंगी ऋषि -दिवस दुबे
39 बाल राम अग्रिम जैन
40 बाल भरत यथार्थ सोनी
41 बाल लक्ष्मण अगस्त्य चारणागर
42 बाल शत्रुघ्न – अभ्युदय सिह चंदेल

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