गुजरात मुख्यमंत्री को हटाने के संकेत शीर्षक ,अखबार मालिक और संपादक पर केस

गुजरात के राजकोट से प्रकाशित ‘सौराष्ट्र हेडलाइन’ में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कामकाज से भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की नाराज़गी का ज़िक्र करते हुए उनके ख़िलाफ़ यह संभावित क़दम उठाए जाने का संकेत दिया गया था. साल 2020 में एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक पर कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन का सुझाव देने वाली रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पद से संभवत: हटाए जाने का संकेत देने वाली एक रिपोर्ट प्रकाशित करने को लेकर राजकोट शहर के एक सांध्य दैनिक के संपादक और इसका स्वामित्व रखने वाली उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.पुलिस ने बताया कि एफआईआर दो दिन पहले भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 505 (1बी) (सरकार या सार्वजनिक शांति के खिलाफ अपराध के लिए किसी व्यक्ति को उकसाने वाली हरकत) और धारा 505 (2) (वैमनस्य, नफरत या दुर्भावना की भावना पैदा करने के इरादे से अफवाह या सनसनी फैलाने वाली रिपोर्ट प्रसारित या प्रकाशित करना) के तहत दर्ज की गई.

‘सौराष्ट्र हेडलाइन’ में प्रकाशित आलेख (Report) में मुख्यमंत्री पटेल के कामकाज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व की नाराजगी का जिक्र करते हुए उनके (पटेल के) खिलाफ यह संभावित कदम उठाए जाने का संकेत दिया गया था.राजकोट सिटी ए-डिवीजन पुलिस थाना के निरीक्षक सीजी जोशी ने कहा कि ‘गुडबाय भूपेंद्रजी, वेलकम रूपाला’ शीर्षक से एक आलेख समाचार पत्र में 22 अगस्त को प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद समाचार पत्र के संपादक अनिरूद्ध नाकुम और उनकी पत्नी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई.

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